ब्रेल पुस्तकालय के नियम

 

1. पाठक पुस्तकालय के ब्रेल अनुभाग में केवल कार्य समय में ही प्रविष्ट होगा । कार्य समय महानिदेशक द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जायेगा ।
2. ब्रेल अनुभाग केवल उन दृष्टिहीनों और अर्धदृष्टिहीनों के लिये खुलेगा जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासी हो या यहाँ पर कार्य करते है ।
3. कोई भी दृष्टिहीन या अर्धदृष्टिहीन व्यक्ति ब्रेल अनुभाग द्वारा निर्धारित नामांकन प्रपत्र(जो ब्रेल अनुभाग में निशुल्क प्राप्त होगा ) भरकर तथा उस पर अपना अंगूठा लगाकर ब्रेल अनुभाग का सदस्य/पाठक बन सकता है । अंगूठे का निशान दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा स्वीकार्य किसी जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा सत्यापित होना चाहिए ।
4. प्रत्येक सदस्य को एक सदस्यता टोकन दिया जायेगा जिस पर उसका नाम,पता व पंजीकरण संख्या अंकित होगी । सदस्य एक समय पर पाँच पुस्तकें ही ले जा सकता है ।
5. . सदस्यों को निम्न प्रकार से पुस्तकें परिचालित की जायेंगी -
(क) व्यक्तिगत रूप से,निर्धारित अपेक्षित फार्म भरकर तथा उस पर अंगूठा लगाकर ।
(ख) डाक द्वारा, अपेक्षित फार्म भरकर, उस पर अपना अंगूठा लगाकर तथा महानिदेशक द्वारा स्वीकार्य व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा सत्यापित करवाने पर ।
(ग) किसी प्रतिनिधि द्वारा यदि उसके पास सदस्य का प्राधिकार पत्र हो, जिस पर सदस्य का अंगूठा लगा हो तथा वह महानिदेशक को स्वीकार्य व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा सत्यापित हो ।
6. सदस्यता, एक बार सदस्य बनने के बाद 36 महीने तक जारी रहेगी । बशर्ते इस अवधि से पूर्व सदस्यता वापिस न ली गई हो या रद्द न की गई हो । फिर भी सदस्यता समाप्त होने से एक पखवाड़ा पहले पुस्तकें परिचालित नहीं की जायेगी । इस अवधि में सदस्य अपनी सदस्यता का नवीनीकरण करवा सकता है
7. सदस्य उन सभी पुस्तकों के प्रति उत्तरदायी होगा जो उसे उपरोक्त नियम-5 के अंतर्गत परिचालित की गई हो ।
8. सदस्य को पुस्तकें एक कैनवास बैग में प्रदान की जायेंगी । पाठक पुस्तकें और बैग की क्षति हो जाने अथवा उसके खो जाने की स्थिति में स्वयं जिम्मेदार होगा । पाठक को पुस्तक का मूल्य, बैग, जैकेट, जिल्दबंदी प्रभार व अन्य व्यय, जैसे- पाठक से पुस्तकों को सुरक्षित लौटाने और उसके मूल्य की वसूली के प्रयास में जो भी कानूनी प्रभार होगा, स्वयं वहन करना होगा। पाठक द्वारा समय पर पुस्तक न लौटाने पर उस पर जो भी दायित्व होगा वह पाठक को पुस्तक वापस करने के पूर्व या दूसरी पुस्तक जारी करने से पूर्व पूरा करना होगा ।
9. यदि किसी सैट की किसी पुस्तक की क्षति हो जाती है या खो जाती है तो ऐसी स्थिति में सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह पुस्तक की क्षति होने या खोने की रिपोर्ट करने के एक सप्ताह के अंदर पूरा सैट बदले अथवा उसके मूल्य का भुगतान करें ।
10. लोन (ऋण) पर ली गई पुस्तकें जारी होने के 28 दिन के भीतर(पुस्तक लेने की तिथि शामिल नहीं है) या पुस्तक पर अंकित देय तिथि तक लौटा दी जानी चाहिए ।
11. लोन (ऋण) पर जारी की गई पुस्तकें निदेशक के विवेक पर कभी भी वापिस मंगाई जा सकती है तथा लोन(ऋण)किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है।
12. यदि कोई सदस्य निरंतर 6 महीने तक तीन से ज्यादा अवसरों में देय तिथि पर पुस्तकें नहीं लौटाता या पुस्तकों को समय पर न लौटाने या नियमों का पालन न करने का वह आदतन दोषी पाया जाता है तब प्रथमतः उसकी सदस्यता तीन महीने तक निलंबित कर दी जायेगी और यदि आवश्यक हुआ तो उसकी सदस्यता रद्द कर दी जायेगी या निदेशक के विवेक पर उसे एक वर्ष तक के लिए सदस्यता से वंचित किया जा सकता है । उनका निर्णय अंतिम व बाध्य होगा
13. खोई हुई पुस्तकें और/या बैग के स्थान पर सदस्य से लिया गया प्रतिस्थापन्न मूल्य सदस्य को तभी वापिस लौटाया जा सकता है जब मूल्य का भुगतान करने के 60 दिनों के अंदर पुस्तकें निदेशक की संतुष्टि के अनुरूप अच्छी अवस्था में वापिस की जायें ।
14. लोन(ऋण)पर ली गई पुस्तकों का निदेशक के विवेकानुसार नवीनीकरण कराया जा सकता है बशर्तें कि उक्त पुस्तक की माँग उस समय किसी और पाठक ने न की हो ।
15. यदि कोई सदस्य उस पर देय राशि का भुगतान नहीं करता या वह पुस्तकालय के नियमों का पालन नहीं करता या सदस्य के विरुद्ध कोई अन्य शिकायत है, तब निदेशक या सचिव अथवा अध्यक्ष या उनकी ओर से नामित कोई अन्य कर्मचारी उसके विरूद्ध नियोजक, अभिभावक या संस्था के प्रधान से इस संबंध में शिकायत कर सकते है ।उन्हें ऐसी सभी शिकायतों के बारे में बताया जायेगा चाहे उनकी सिफारिश पर उसने सदस्यता प्राप्त की है अथवा नहीं । सदस्य के विरूद्ध पुस्तकालय प्राधिकारी द्वारा जो भी कार्रवाई की जायेगी उसकी सूचना उसके नियोजक, अभिभावक तथा संस्था के प्रधान यथास्थिति, को भी दी जायेगी ।
16. निदेशक, सचिव, अध्यक्ष या पुस्तकालय के अन्य अधिकार या किसी विभाग या अनुभाग का प्रभारी किसी व्यक्ति को (चाहे वह सदस्य है या नहीं) बिना कोई कारण बताये पुस्तकालय या किसी अनुभाग या विभाग में प्रवेश करने से रोक सकते हैं । संबंधित अधिकारियों की राय में यदि उक्त व्यक्ति को प्रवेश की आज्ञा देना वांछनीय न हो तो उपरोक्त अधिकारी समान कारणों से ऐसे व्यक्तियों को पुस्तकालय में प्रवेश देने से इंकार कर सकते हैं ।
17. सदस्य व अन्य पाठकों को नियमों के अंतर्गत जो विशेषाधिकार प्रदत्त किये गये हैं, उन पर ये अधिकारी के रूप में दावा नहीं कर सकते ।
18. निदेशक सदस्यता के लिये किसी भी आवेदन पत्र को बिना कोई कारण बताये इंकार करने के लिये प्राधिकृत है और ऐसे मामलों में निदेशक का निर्णय अंतिम व बाध्य होगा ।
  टिप्पणः- प्रवेश पत्र या अंगूठे के निशान के सत्यापन के लिए किसी संबंधी या अध्यापक से जिसके पास दृष्टिहीन पाठक स्थायी रूप से रह रहा है, निदेशक को स्वीकार्य होगा । उस संबंधी या अध्यापक का नाम, सदस्य के साथ उसका संबंध तथा उसके नमूना हस्ताक्षर निदेशक को प्रस्तुत किये जाये ।

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