पुस्तकों का परिचालन
लाइब्रेरी की मुख्य सेवा पाठकों को गृह पठन के लिए पुस्तकें परिचालित करना है। यह सेवा केवल लाइब्रेरी के सदस्यों को ही प्रदान की जाती है। लाइब्रेरी सदस्यों को पुस्तकें अधिकतम 14 दिनों के लिए परिचालित की जाती हैं। आवश्यकता होने पर पुस्तकों का 14 दिनों के लिए पुन:नवीनीकरण कराया जा सकता है। नवीनीकरण व्यक्तिगत रूप से अथवा ऑनलाइन भी संभव है जब तक कि कोई अन्य सदस्य पुस्तक को आरक्षित न कराएं।
पुस्तकों का अधिकतम दो बार नवीनीकरण कराया जा सकता है। पुस्तकों को देय तिथि तक अथवा उससे पूर्व वापस किया जा सकता है। सदस्य अपने पुस्तक ले जाने वाले सदस्यता कार्ड की सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार है तथा कार्ड खो जाने पर सदस्य अपने खोए हुए पुस्तकालय कार्ड के दुरूपयोग के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा। पुस्तकें विलंब से लौटाने पर प्रत्येक पुस्तक पर प्रतिदिन के हिसाब से रूपए 2.00 विलंब शुल्क लिया जाएगा। पुस्तकालय कार्ड एक वर्षों तक वैध होगा। पुस्तक जारी/लौटाने वाला काउंटर लाइब्रेरी के बंद होने से 15 मिनट पूर्व, बंद हो जाएगा। कांउटर छोड़ने से पूर्व सदस्य इस बात से संतुष्ट हो कि उसे जारी की गई पुस्तक की खराब/फटी हुई दशा के बारे में कांउटर पर पुस्तक जारी करने वाले व्यक्ति को बताएगा। अन्यथा उसे फटी हुई पुस्तकों के स्थान पर नई पुस्तक देनी होगी। यदि सदस्य द्वारा कोई पुस्तक खो जाती है तो उसे पुस्तक का मूल्य तथा जुर्माना दोनों का भुगतान करना होगा।
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के दिनांक 31.3.2020 तक लगभग 1,89,235 पंजीकृत सदस्य इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
परिचालन पुस्तकालय नियम
| 1. | पुस्तक परिचालन हेतु केवल सदस्य ही परिचालन पुस्तकालय में प्रवेश कर सकते हैं। लेकिन उनके प्रतिनिधियों तथा अन्य व्यक्तियों को पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारीकी संतुष्टि हेतु संबंधित सदस्य से प्राधिकार-पत्र लाने पर सदस्य की ओर से पुस्तक ले जाने की अनुमति प्रदान की जायेगी। |
| 2. | पुस्तक जारी करने वाला काउन्टर परिचालन विभाग के बंद होने के समय से 15 मिनट पूर्व बंद होगा। |
| 3. | सदस्य को पुस्तकालय में पुस्तकें लाने अथवा ले जाने के लिए स्वयं व्यवस्था करनी होगी। |
| 4. | सदस्य को पुस्तकें ले जाने के लिए सदस्यता कार्ड प्रदान किया जाता है। जिस पर वह गृह-पठन हेतु एक साथ तीन पुस्तकें ले जा सकता हैं। जबकि पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के निर्णय पर पुस्तकालय के कुछ सेवा केंद्रों में सदस्य को केवल दो या एक पुस्तक ले जाने का कार्ड दिए जाएंगे / दिया जाएगा। |
| 5. | सदस्य द्वारा पुस्तक ले जाने वाला कार्ड दिए जाने पर पुस्तक परिचालित की जाएगी जो पुस्तक वापस करने पर पाठक को लौटा दिया जाएगा। सामान्या सदस्य द्वारा देय सभी शुल्क का भुगतान करने पर ही पुस्तक लौटाई जाएगी। |
| 6. | सदस्यता कार्ड जारी होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि तक उपयोग में लाया जा सकता है,यदि उसे लौटाया न गया हो या रद्द न कर दिया गया हो। जो सदस्य दिल्ली छोड़कर अन्यत्र जा रहे हों अथवा पुस्तकालय का उपयोग न कर रहे हों,वे पुस्तकालय के पंजीकरण काउन्टर पर अपना कार्ड वापस कर दें ताकि कार्ड रद्द किए जा सकें। सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिन कार्डों की अवधि समाप्त हो गई हो उन्हें अपने हित में पंजीकरण काउंटर पर जमा करवा दें अन्यथा इन कार्डों पर जारी की गई पुस्तकों के लिए वे स्वयं उत्तरदायी होगें। |
| 7. | पुस्तकालय रिकार्ड के अनुसार सदस्य के कार्ड पर जारी किसी भी पुस्तक के लिए सदस्य स्वयं ही उत्तरदायी होगा। |
| 8. | पुस्तक ले जाने वाला कार्ड खो जाने पर सदस्य पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी को इस आशय की लिखित रिपोर्ट तथा निर्धारित प्रपत्र में क्षतिपूर्ति बंधपत्र भरकर देगा तथा दूसरा कार्ड बनाने हेतु रु 50.00 फीस के रूप में देने होगें। कई बार दूसरे कार्ड बनाए जाने के बावजूद सदस्य प्रारम्भिक कार्ड पर दी गई किसी भी पुस्तक के लिए उत्तरदायी होगा तथा पुस्तकालय खोए हुए ऐसे कार्डों के दुरूपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। |
| 9. | काउन्टर छोड़ने के पूर्व सदस्य इस बात से सन्तुष्ट हो कि उसे जारी की गई पुस्तक अच्छी अवस्था में हैं,यदि नहीं तो वह तत्काल पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी या उसके द्वारा मनोनीत व्यक्ति को पुस्तक में पाई गई खराबी/फटी हुई दशा आदि के विषय में बताएगा अन्यथा उसे इस पुस्तक के स्थान पर नई पुस्तक देनी होगी अथवा पुस्तक का मूल्य एवं अन्य खर्चों का भुगतान करना होगा। |
| 10. | यदि पुस्तक या उसका कवर क्षतिग्रस्त हो जाए अथवा खो जाए तो पाठक को जिसके कार्ड पर पुस्तक जारी की गई है,पुस्तक व उसके कवर का मूल्य तथा अन्य खर्चों का भुगतान करना होगा जिसमें पुस्तक लौटाने का प्रयास करने अथवा पुस्तक का मूल्य प्राप्त करने के लिए भेजे गए रजिस्टर्ड नोटिस का व्यय भी शामिल है। परिचालित पुस्तक वापस करने अथवा अन्य पुस्तक जारी करवाने से पूर्व पाठक को पुस्तक अपने पास रखने के कारण आए हुए दायित्व पूरे करने होगें। पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी द्वारा ऐसे पाठक जो अधिक समय तक पुस्तकें अपने पास रखने के अभ्यस्त हैं, के कार्ड स्थगित अथवा रद्द कर दिए जाएगें। ऐसे मामलें में पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के आदेश अन्तिम तथा बाध्य होगें। इन नियमों के अधीन यदि पाठक ने देय राशि का भुगतान नहीं किया है तो नियम 2(2)के अधीन उल्लिखित सदस्य या उसके माता-पिता या अभिभावक पर सिविल या दंड कानून अथवा दोनों के अन्तर्गत जो भी लागू हो,कारवाई की जाएगी। |
| 11. | . यदि सेट की एक पुस्तक क्षतिग्रस्त हो गई या खो गई है तो सम्बन्धित सदस्य को पूरा सेट बदलना होगा। |
| 12. | खोई हुई पुस्तक का मूल्य पुस्तकालय में तत्काल जमा कराना होगा। |
| 13. | किसी भी सदस्य को लाइब्रेरी की पुस्तक अन्य व्यक्ति को देने अथवा अपने कार्ड अन्य किसी व्यक्ति को प्रयोग हेतु हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं है। |
| 14. | लोन (ऋण)पर दी जाने वाली पुस्तकें जारी होने के 14 दिन के भीतर(परिचालित तिथि को छोड़कर)अथवा पुस्तक पर लिखी (छपी)तिथि तक लौटा दी जानी चाहिए। |
| 15. | लोन(ऋण)पर दी गई पुस्तकें कभी भी वापिस मंगाई जा सकती हैं तथा पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी अपने विवेक/इच्छा पर लोन(ऋण) को किसी भी समय समाप्त कर सकता है। |
| 16. | यदि पुस्तक देय तिथि तक पुस्तकालय में वापिस नहीं लौटाई जाती तो प्रत्येक पुस्तक पर विलम्ब शुल्क के रूप में वयस्क परिचालन विभाग में प्रतिदिन रूपये 2/-.एवं अधिकतम रू 200/- तथा बाल विभाग में प्रतिदिन रूपये रूपया 1/- अथवा अधिकतम रू 100/- शुल्किक लिया जाएगा। |
| 17. | यदि कोई त्रुटिकार कानूनी नोटिस भेजे जाने से पूर्व देय राशि का भुगतान नहीं करता तो डाक खर्च का अतिरिक्त प्रभार वसूल किया जाएगा। प्रथमत:कानूनी नोटिस डाक प्रमाणित रूप से भेजा जाएगा। यदि त्रुटिकार की ओर से कोई उत्तर प्राप्त न हो तो रजिस्टर्ड नोटिस भेजा जाएगा जिसका रजिस्टर्ड डाक खर्च पुस्तकालय को देय राशि में अतिरिक्त प्रभार के रूप में शामिल किया जाएगा। रजिस्टर्ड डाक खर्च डाक अधिकारयों द्वारा निर्धारित रजिस्टर्ड पत्र की दर के आधार पर पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी द्वारा समय-समय पर नियत किया जाता है। भेजे जाने वाले प्रत्येक रजिस्टर्ड नोटिस के लिए यह खर्च वसूल किया जाएगा। |
| 18. | सदस्य द्वारा प्राप्त, खोई हुई पुस्तकों का मूल्य तभी वापस किया जा सकता है जब सदस्य भुगतान की गई तारीख से 60 दिन के भीतर पुस्तक/पुस्तकें बदले में अच्छी अवस्था में जमा करा दें तथा जो पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी की सन्तुष्टि के अनुरूप हो। |
| 19. | पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के विवेक/इच्छा पर लोन(ऋण)की अवधि तभी बढ़ाई जाएगी यदि इसी बीच किसी अन्य पाठक ने पुस्तक का आरक्षण न करवाया हो। |
| 20. | पुस्तकालय संग्रह में से उपन्यास के अतिरिक्त अन्य कोई भी पुस्तक यदि उपलब्ध न हो,पाठक द्वारा उपयुक्त प्रपत्र भर कर आरक्षित करवायी जा सकती है। सूचना भेजने के बाद आरक्षित पुस्तक 3 दिन से अधिक समय तक आरक्षित नहीं रखी जायेगी। |
| 21. | पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी सरकारी व अर्धसरकारी पुस्तकालयों तथा संस्थाओं के अधिकारियों को जो इन नियमों को स्वीकार करते हैं, उनकी जिम्मेदारी पर पुस्तकें परिचालित कर सकता है। |
| 22. | पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारीगैर राजनीतिक तथा संप्रदाय निरपेक्ष संगठनों के अध्यक्ष को जो इन नियमों से बाध्य हैं, विशेष प्रयोजन हेतु उनकी लिखित गारंटी देने पर पुस्तकें परिचालित कर सकता हैं। |
| 23. | प्रतिभूति जमा(सिक्योरिटी)वापस लेने के लिए एक सप्ताह का नोटिस देना होगा। ऐसे सभी आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के नाम से दिए जाने चाहिए। राशि चैक या मनीआर्डर द्वारा दी जाएगी जिसका डाक खर्च आवेदक को वहन करना होगा। |
| 24. | सदस्य के नाम पर जारी पुस्तकें तथा टिकट लौटाए जाने तथा देय राशि का भुगतान किए जाने पर ही जमा प्रतिभूति वापस की जाएगी। |
| 25. | सदस्य तथा अन्य व्यक्ति नियमों के अधीन प्रदत्त अधिकारों का उपयोग अधिकार के रूप में नहीं कर सकते। |
| 26. | सदस्य यदि पुस्तक वापस नहीं करता या वह देय राशि का भुगतान नहीं करता अथवा यदि सदस्य पुस्तकालय के नियमों का पालन नहीं करता अथवा उसके विरूद्ध कोई शिकायत हो तो पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी/ निदेशक या अथवा अध्यक्ष या उनकी ओर से अन्य किसी कार्यकारी अधिकारी को इस सम्बन्ध में नियोक्ता या उसके अभिभावक या माता-पिता अथवा संस्था के प्रमुख से सम्पर्क स्थापित करना चाहिए तथा उन्हें ऐसी सभी शिकायतों के बारे में बताना ऊपर बताए गए अनुसार कोई कार्रवाई की हो तो उसके विषय में नियोक्ता, अभिभावक, माता-पिता अथवा संस्था के प्रमुख को यथास्थिति सूचित किया जाना चाहिए। |
| 27. | पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति जो पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के अधिकारों का उपयोग करता है, किसी भी व्यक्ति की सदस्यता को रद्द कर सकता है तथा भविष्य में कम से कम पाँच वर्षों के लिए उसे पंजीकरण कराने से रोक सकता है। जहाँ सदस्यता रद्द की जानी हो अथवा भविष्य में कम-से-कम पाँच वर्षों के लिए पंजीकरण कराने से रोका जाना हो तो सम्बन्धित अधिकारी द्वारा इस आशय का एक नोटिस सम्बन्धित सदस्य को भेजा जाएगा तथा इस सम्बन्ध में अधिकारी स्वयं अथवा किसी अन्य अधिकारी से जैसा उचित समझे, पूछताछ करवाई जाएगी। सदस्यता रद्द करने अथवा नये पंजीकरण पर रोक लगाने से सम्बन्धित आदेश के विरूद्ध अपील लिखित रूप से आदेश प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर अध्यक्ष(बोर्ड) को की जा सकती है तथा उनका आदेश अन्तिम तथा बाध्य होगा। सदस्य को कारण सम्बन्धी नोटिस सदस्यता कार्ड में दिए गए पते पर स्वयं या रजिस्टर्ड डाक द्वारा, पावती सहित या डाक प्रमाणित रूप से भेजा जाना चाहिए तथा ऐसे पते पर भेजे गए नोटिस का प्राप्त हो जाना पर्याप्त माना जाएगा। बोर्ड का अध्यक्ष या तो आदेश की पुष्टि करेगा या उसे रद्द कर देगा या उसमें संशोधन करेगा या पुन:जाँच के आदेश देगा अथवा अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहेगा या मामले को देखते हुए जैसा उचित समझे, ऐसे आदेश देगा जो न्यायसंगत या उचित हो। कार्यकारी अध्यक्ष या कार्यकारी पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी को समान अधिकार प्राप्त हैं। |
| 28. | पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी/ निदेशक या अध्यक्ष को ऐसे व्यक्तियों अथवा त्रुटिकारों की सूची जिन्हें पुस्तकालय में प्रवेश करने अथवा उसका उपयोग करने से रोका गया है या जिनकी सदस्यता रद्द कर दी गई है चाहे उन्होंने अपील की है या नहीं या उनकी अपील खारिज हो गई है अथवा जिनके विरूद्ध अन्य कोई कार्रवाई की गई हो, कारण सहित पुस्तकालय के नोटिस बोर्ड पर लगानी चाहिए। ऐसी सूची की प्रति पुस्तकालय के प्रत्येक अनुभागाध्यक्ष या विभागाध्यक्ष को सूचनार्थ प्रेषित की जानी चाहिए। |
डिजिटल संसद

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